तब भगवान शंकर प्रसन्न हुए और देवताओं का स्वागत-सत्कार करके उन्हें प्रसन्न किया और कहा - 'देवताओं! आपका भय दूर हो जाए; बताइए, मैं आपके लिए क्या करूँ?'
Then Lord Shankar became happy and pleased the gods by welcoming them and said - 'O gods! Your fear should go away; Tell me, what should I do for you?'
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि त्रिपुराख्याने त्रयस्त्रिंशोऽध्याय:॥ ३३॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें त्रिपुराख्यानविषयक तैंतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३३॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ १/२ श्लोक मिलाकर कुल ६७ १/२ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥