Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.33.6-7h: हे शत्रुओं को कष्ट देने वाले राजन! उन तीनों ने तपस्या करके अपने शरीर सुखा दिए। वे संयम, तप, नियम और ध्यान में लीन रहने लगे। | mahabharat अध्याय 8.33: दुर्योधनका शल्यसे त्रिपुरोंकी उत्पत्तिका वर्णन, त्रिपुरोंसे भयभीत इन्द्र आदि देवताओंका ब्रह्माजीके साथ भगवान् शंकरके पास जाकर उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे शत्रुओं को कष्ट देने वाले राजन! उन तीनों ने तपस्या करके अपने शरीर सुखा दिए। वे संयम, तप, नियम और ध्यान में लीन रहने लगे।
O King who torments his enemies! All three of them dried up their bodies through penance. They began to live with self-control, austerity, discipline and meditation. 6 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥