Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.33.4-6h: उस समय देवताओं ने दैत्यों को पराजित कर दिया था, ऐसा हमने सुना है। राजन! दैत्यों के पराजित हो जाने पर तारकासुर के तीनों पुत्र तारक, कमलाक्ष और विद्युन्माली घोर तपस्या में लीन हो गए और उत्तम नियमों का पालन करने लगे। 4-5 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.33: दुर्योधनका शल्यसे त्रिपुरोंकी उत्पत्तिका वर्णन, त्रिपुरोंसे भयभीत इन्द्र आदि देवताओंका ब्रह्माजीके साथ भगवान् शंकरके पास जाकर उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय देवताओं ने दैत्यों को पराजित कर दिया था, ऐसा हमने सुना है। राजन! दैत्यों के पराजित हो जाने पर तारकासुर के तीनों पुत्र तारक, कमलाक्ष और विद्युन्माली घोर तपस्या में लीन हो गए और उत्तम नियमों का पालन करने लगे। 4-5 1/2॥
At that time, we have heard that the gods had defeated the demons. Rajan! After the demons were defeated, Tarakasura's three sons Taraksha, Kamalaksh and Vidyunmali took refuge in severe penance and started following the good rules. 4-5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥