न च त्वत्तो हि राधेयो न चाहमपि वीर्यवान्।
वृणेऽहं त्वां हयाग्र्याणां यन्तारमिह संयुगे॥ ५९॥
अनुवाद
न तो राधापुत्र कर्ण और न ही मैं तुमसे अधिक शक्तिशाली हूँ। तुम उत्तम अश्वों के सर्वश्रेष्ठ संचालक (घुड़सवारी के सर्वश्रेष्ठ ज्ञाता) हो, इसलिए मैं इस युद्धभूमि में तुम्हें चुन रहा हूँ।'
‘Neither Radha's son Karna nor I are stronger than you. You are the best handler of excellent horses (the best knower of horsemanship), so I am choosing you on this battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥