Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.32.11-12: वे दोनों महाधनुर्धर वृद्ध हो गए थे, इसलिए युद्ध में शत्रुओं ने छलपूर्वक उन्हें मार डाला। पापी! कठिन कार्य करके वे यहाँ से स्वर्गलोक को गए। इसी प्रकार पुरुषसिंह आदि अन्य वीर भी युद्ध में शत्रुओं द्वारा मारे गए। 11-12. | mahabharat अध्याय 8.32: दुर्योधनकी शल्यसे कर्णका सारथि बननेके लिये प्रार्थना और शल्यका इस विषयमें घोर विरोध करना, पुन: श्रीकृष्णके समान अपनी प्रशंसा सुनकर उसे स्वीकार कर लेना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे दोनों महाधनुर्धर वृद्ध हो गए थे, इसलिए युद्ध में शत्रुओं ने छलपूर्वक उन्हें मार डाला। पापी! कठिन कार्य करके वे यहाँ से स्वर्गलोक को गए। इसी प्रकार पुरुषसिंह आदि अन्य वीर भी युद्ध में शत्रुओं द्वारा मारे गए। 11-12.
‘Those two great archers had grown old, so they were treacherously killed by the enemies in the war. Sinful! After performing difficult tasks, they went from here to heaven. Similarly, other brave men like Purushsingh were also killed by the enemies in the war. 11-12.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥