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mahabharat 8.31.73: संजय कहते हैं - महाराज ! ऐसा कहकर आपके प्रतापी पुत्र राजा दुर्योधन ने मद्रराज शल्य के पास जाकर यह कहा -॥ 73॥   |   mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  8.31.73 
संजय उवाच
एवमुक्त्वा महाराज तव पुत्र: प्रतापवान्।
अभिगम्याब्रवीद् राजा मद्रराजमिदं वच:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज ! ऐसा कहकर आपके प्रतापी पुत्र राजा दुर्योधन ने मद्रराज शल्य के पास जाकर यह कहा -॥ 73॥
 
Sanjaya says - Maharaj! Having said this, your glorious son King Duryodhana went to Madra king Shalya and said this -॥ 73॥
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि कर्णदुर्योधनसंवादे एकत्रिंशोऽध्याय:॥ ३१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें कर्ण और दुर्योधनका संवादविषयक इकतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३१॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)