Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.31.67-68: ऐसा करने से मेरी सभी इच्छित सहायताएँ पूर्ण हो जाएँगी। भरत! उस समय युद्ध में मैं जो कुछ करूँगा, वह तुम स्वयं देखोगे। मैं युद्धभूमि में आए हुए समस्त पाण्डवों को सब प्रकार से अवश्य परास्त कर दूँगा। 67-68। | mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा करने से मेरी सभी इच्छित सहायताएँ पूर्ण हो जाएँगी। भरत! उस समय युद्ध में मैं जो कुछ करूँगा, वह तुम स्वयं देखोगे। मैं युद्धभूमि में आए हुए समस्त पाण्डवों को सब प्रकार से अवश्य परास्त कर दूँगा। 67-68।
By doing this, all the help I desire will be accomplished. Bhaarat! You will see for yourself what I will do in the battle at that time. I will certainly defeat all the Pandavas who have come to the battlefield in every way. 67-68.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥