Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.31.60: राजेन्द्र! भरतश्रेष्ठ! उत्तम घोड़ों से जुते हुए उत्तम रथ सदैव मेरे पीछे चलें॥60॥   |   mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  8.31.60 
रथाश्च मुख्या राजेन्द्र युक्ता वाजिभिरुत्तमै:।
आयान्तु पश्चात् सततं मामेव भरतर्षभ॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! भरतश्रेष्ठ! उत्तम घोड़ों से जुते हुए उत्तम रथ सदैव मेरे पीछे चलें॥60॥
 
Rajendra! Bharatshrestha! May good chariots harnessed by good horses always follow me. 60॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)