Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.31.47: भृगुपुत्र परशुराम ने स्वयं मुझे उस धनुष की दिव्य शक्तियों के विषय में बताया है तथा उसे मुझे प्रदान किया है; उसी धनुष से मैं पाण्डुपुत्र अर्जुन के साथ युद्ध करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  8.31.47 
धनुषो ह्यस्य कर्माणि दिव्यानि प्राह भार्गव:।
तद् रामो ह्यददान्मह्यं तेन योत्स्यामि पाण्डवम्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
भृगुपुत्र परशुराम ने स्वयं मुझे उस धनुष की दिव्य शक्तियों के विषय में बताया है तथा उसे मुझे प्रदान किया है; उसी धनुष से मैं पाण्डुपुत्र अर्जुन के साथ युद्ध करूँगा।
 
Bhrigu's son Parasurama himself has told me about the divine powers of that bow and has presented it to me; with that very bow I will fight with Pandu's son Arjuna. 47.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)