Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.31.25-26h: पिताश्री! उन दिनों दुर्योधन शकुनि को एक महान राजनीतिज्ञ मानता था। साथ ही, वीर योद्धा कर्ण को भी एक राजनीतिज्ञ मानकर राजा दुर्योधन उसका भक्त हो गया। | mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौबलं च तदा तात नीतिमानिति मन्यते॥ २५॥
कर्णश्च रभसो नित्यं राजा तं चाप्यनुव्रत:।
अनुवाद
पिताश्री! उन दिनों दुर्योधन शकुनि को एक महान राजनीतिज्ञ मानता था। साथ ही, वीर योद्धा कर्ण को भी एक राजनीतिज्ञ मानकर राजा दुर्योधन उसका भक्त हो गया।
Father! In those days Duryodhan considered Shakuni to be a great statesman. Also, believing that the valiant warrior Karna was also a statesman, King Duryodhan became his devotee too. 25 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥