Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.31.24-25h: अहा! इस समय जुए का यह भयंकर परिणाम सामने आया है। संजय! आश्चर्य की बात है कि दुर्योधन के कारण मुझे इतना अधिक और भयंकर दुःख हुआ है, जो काँटों के समान मुझे कष्ट दे रहा है।॥24 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.31: रात्रिमें कौरवोंकी मन्त्रणा, धृतराष्ट्रके द्वारा दैवकी प्रबलताका प्रतिपादन, संजयद्वारा धृतराष्ट्रपर दोषारोप तथा कर्ण और दुर्योधनकी बातचीत । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अहा! इस समय जुए का यह भयंकर परिणाम सामने आया है। संजय! आश्चर्य की बात है कि दुर्योधन के कारण मुझे इतना अधिक और भयंकर दुःख हुआ है, जो काँटों के समान मुझे कष्ट दे रहा है।॥24 1/2॥
Oh! This terrible consequence of gambling has appeared at this time. Sanjay! It is astonishing that because of Duryodhan I have suffered so much and terrible pain, which has been like thorns troubling me.॥ 24 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥