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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय
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श्लोक 43
श्लोक
8.30.43
तत: कृतेऽवहारे च प्रहृष्टास्तत्र पाण्डवा:।
निशायां शिबिरं गत्वा न्यवसन्त नरेश्वरा:॥ ४३॥
अनुवाद
इस प्रकार सैनिकोंको वापस ले जाकर पाण्डव पक्षके राजा हर्षसे भरकर उस रात्रि अपने शिविरमें जाकर सो गये ॥43॥
After having thus taken back the soldiers, the Pandava-side kings, filled with joy, went to sleep in their camp that night. ॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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