Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.30.34: उसके कुछ बाण मूसलों के समान, कुछ परिघों के समान, कुछ शतघ्नियों के समान और कुछ अन्य बाण भयंकर वज्रों के समान शत्रुओं पर गिर रहे थे ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 8.30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  8.30.34 
मुसलानीव सम्पेतु: परिघा इव चेषव:।
शतघ्न्य इव चाप्यन्ये वज्राण्युग्राणि चापरे॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
उसके कुछ बाण मूसलों के समान, कुछ परिघों के समान, कुछ शतघ्नियों के समान और कुछ अन्य बाण भयंकर वज्रों के समान शत्रुओं पर गिर रहे थे ॥34॥
 
Some of his arrows fell like pestles, some like Parighas, some like Shataghnis and some other arrows fell on the enemies like terrible thunderbolts. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)