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mahabharat 8.30.33: तब अर्जुन ने मुस्कुराते हुए अपने ही अस्त्र से कर्ण के अस्त्र को नष्ट कर दिया और बाणों की वर्षा से आकाश, दिशाओं और पृथ्वी को आच्छादित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.30.33 
अथ कर्णास्त्रमस्त्रेण प्रतिहत्यार्जुन: स्मयन्।
दिशं खं चैव भूमिं च प्रावृणोच्छरवृष्टिभि:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने मुस्कुराते हुए अपने ही अस्त्र से कर्ण के अस्त्र को नष्ट कर दिया और बाणों की वर्षा से आकाश, दिशाओं और पृथ्वी को आच्छादित कर दिया।
 
Then Arjuna, smiling, destroyed Karna's weapon with his own weapon and covered the sky, directions and earth with a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)