श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  8.30.31 
रथिन: समहामात्रान् गजानश्वान् ससादिन:।
पत्तिव्रातांश्च संक्रुद्धो निघ्नन् कर्णो व्यदृश्यत॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
कर्ण क्रोध में भरकर रथियों, महावतों सहित हाथियों, सवारों सहित घोड़ों तथा पैदल सैनिकों को मारता हुआ दिखाई दिया॥31॥
 
Karna, filled with rage, was seen killing charioteers, elephants with their mahouts, horses with their riders, and infantry.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)