श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  8.30.25 
अथ सात्यकिरागत्य कर्णं विद्‍ध्वा शितै: शरै:।
नवत्या नवभिश्चोग्रै: शतेन पुनरार्पयत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब सात्यकि ने भी लौटकर कर्ण को तीखे बाणों से बींध डाला और पुनः उस पर एक सौ निन्यानवे भयंकर बाण मारे।
 
Then Satyaki also returned and pierced Karna with sharp arrows and again shot him with one hundred and ninety nine terrible arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)