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mahabharat 8.30.20: फिर उसने नौवां घातक बाण धनुष पर चढ़ाकर दुर्योधन पर चलाया; किन्तु अश्वत्थामा ने उस उत्तम बाण को सात टुकड़ों में तोड़ दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.30.20 
नवमं च समाधाय व्यसृजत् प्राणघातिनम्।
दुर्योधनायेषुवरं तं द्रौणि: सप्तधाच्छिनत्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने नौवां घातक बाण धनुष पर चढ़ाकर दुर्योधन पर चलाया; किन्तु अश्वत्थामा ने उस उत्तम बाण को सात टुकड़ों में तोड़ दिया।
 
Then he placed the ninth deadly arrow on the bow and shot it at Duryodhana; but Ashvatthama broke that excellent arrow into seven pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)