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mahabharat 8.30.18: इस प्रकार क्रोध में भरकर दुर्योधन अकेले ही महारथी अर्जुन का सामना करने गया, जो यमराज के समान बिना किसी रोक-टोक के सीधे बाण चलाते हुए आगे बढ़ रहा था।   |   mahabharat अध्याय 8.30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  8.30.18 
तमन्तकमिव क्रुद्धमनिवार्यं महारथम्।
दुर्योधनोऽभ्ययादेको निघ्नन् बाणैरजिह्मगै:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार क्रोध में भरकर दुर्योधन अकेले ही महारथी अर्जुन का सामना करने गया, जो यमराज के समान बिना किसी रोक-टोक के सीधे बाण चलाते हुए आगे बढ़ रहा था।
 
Thus filled with rage, Duryodhana alone went to face Arjuna, the mighty car-warrior, who was moving like Yamaraja without any restraint, by shooting arrows that went straight.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)