Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.30.16: जैसे वायु बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार उस समय अर्जुन ने अपने बाणों से विमानरूपी रथों को उनके अस्त्र-शस्त्र, ध्वजा और सारथि सहित नष्ट कर दिया। | mahabharat अध्याय 8.30: सात्यकि और कर्णका युद्ध तथा अर्जुनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार और पाण्डवोंकी विजय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रथान् विमानप्रतिमान् मज्जयन् सायुधध्वजान्।
स सारथींस्तदा बाणैरभ्राणीवानिलोऽवधीत्॥ १६॥
अनुवाद
जैसे वायु बादलों को छिन्न-भिन्न कर देती है, उसी प्रकार उस समय अर्जुन ने अपने बाणों से विमानरूपी रथों को उनके अस्त्र-शस्त्र, ध्वजा और सारथि सहित नष्ट कर दिया।
Just as the wind shatters the clouds, so Arjuna at that time with his arrows destroyed the aircraft-like chariots along with their weapons, flags and charioteers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥