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श्लोक 8.29.36  |
एवं तदभवद् युद्धं त्वदीयानां परै: सह।
अपराह्णे महाराज काङ्क्षतां विजयं युधि॥ ३६॥ |
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| अनुवाद |
| महाराज! इस प्रकार मध्यान्ह के समय आपके योद्धाओं ने युद्धभूमि में विजय की इच्छा से शत्रुओं के साथ घोर युद्ध आरम्भ कर दिया। |
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| Maharaj! Thus, in the afternoon, your warriors, seeking victory in the battlefield, started a fierce battle with the enemies. |
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इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे एकोनत्रिंशोऽध्याय:॥ २९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुल-युद्धविषयक उनतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २९॥
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