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mahabharat 8.29.33: उस समय भीमसेन ने अपनी प्रतिज्ञा पर विचार करते हुए युधिष्ठिर से कहा, ‘महाराज, यह राजा दुर्योधन आपके वध के योग्य नहीं है।’ उनके ऐसा कहने पर राजा युधिष्ठिर ने उसे मारना छोड़ दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.29: युधिष्ठिरके द्वारा दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 29: युधिष्ठिरके द्वारा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  8.29.33 
भीमस्तमाह च तत: प्रतिज्ञामनुचिन्तयन्।
नायं वध्यस्तव नृप इत्युक्त: स न्यवर्तत॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उस समय भीमसेन ने अपनी प्रतिज्ञा पर विचार करते हुए युधिष्ठिर से कहा, ‘महाराज, यह राजा दुर्योधन आपके वध के योग्य नहीं है।’ उनके ऐसा कहने पर राजा युधिष्ठिर ने उसे मारना छोड़ दिया।
 
At that time Bhimasena, thinking about his vow, said to Yudhishthira, 'Maharaj, this King Duryodhana is not yours to be killed.' On his saying so, King Yudhishthira desisted from killing him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)