श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 29: युधिष्ठिरके द्वारा दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.29.3 
दुर्योधनश्च विरथ: कृतस्तत्र महारथ:।
धर्मपुत्र: कथं चक्रे तस्य वा नृपति: कथम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मैं सुनता हूँ कि महारथी दुर्योधन भी वहाँ रथहीन रह गया था। धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने उसके साथ कैसा युद्ध किया अथवा राजा दुर्योधन ने युधिष्ठिर के साथ कैसा व्यवहार किया?॥3॥
 
I hear that the great warrior Duryodhan was also left chariotless there. How did Dharmaputra Yudhishthira fight with him or how did King Duryodhan behave with Yudhishthira?॥ 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd