Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.29.20-21h: महाराज! वे दोनों एक-दूसरे को बहुत कष्ट दे रहे थे। तब राजा युधिष्ठिर ने क्रोधपूर्वक आपके पुत्र की छाती पर तीन बाण मारे, जो वज्र के समान वेगवान और दुर्दम्य थे। | mahabharat अध्याय 8.29: युधिष्ठिरके द्वारा दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्योन्यं तौ महाराज पीडयाञ्चक्रतुर्भृशम्।
ततो युधिष्ठिरो राजा पुत्रं तव शरैस्त्रिभि:॥ २०॥
आजघानोरसि क्रुद्धो वज्रवेगैर्दुरासदै:।
अनुवाद
महाराज! वे दोनों एक-दूसरे को बहुत कष्ट दे रहे थे। तब राजा युधिष्ठिर ने क्रोधपूर्वक आपके पुत्र की छाती पर तीन बाण मारे, जो वज्र के समान वेगवान और दुर्दम्य थे।
Maharaj! Both of them were tormenting each other very badly. Then King Yudhishthira angrily struck your son's chest with three arrows which were as fast as thunderbolts and difficult to defeat.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥