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mahabharat 8.28.4: राजन! तब युधिष्ठिर ने तीक्ष्ण घोड़े पर सवार होकर दुर्योधन पर सुवर्णमय पंखयुक्त तेरह बाण चलाए॥4॥   |   mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.28.4 
ततो युधिष्ठिरो राजन् स्वर्णपुङ्खाञ्छिलीमुखान्।
दुर्योधनाय चिक्षेप त्रयोदश शिलाशितान्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजन! तब युधिष्ठिर ने तीक्ष्ण घोड़े पर सवार होकर दुर्योधन पर सुवर्णमय पंखयुक्त तेरह बाण चलाए॥4॥
 
Rajan! Then Yudhishthir, mounted on a horse and sharpened, fired thirteen arrows with golden feathers at Duryodhana. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)