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mahabharat 8.28.33: उस महायुद्ध में अनेक हाथी सवारों ने अचानक अपनी ढालों से पैदल योद्धाओं पर आक्रमण किया और उन्हें बड़े जोर से भूमि पर रौंद डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  8.28.33 
सहसा सादिनस्तत्र तोमरेण महामृधे।
भूमावमृद्नन् वेगेन सचर्माणं पदातिनम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में अनेक हाथी सवारों ने अचानक अपनी ढालों से पैदल योद्धाओं पर आक्रमण किया और उन्हें बड़े जोर से भूमि पर रौंद डाला।
 
In that great battle many elephant riders suddenly attacked the infantry warriors with their shields and trampled them on the ground with great force.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)