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mahabharat 8.28.32: पार्श्वों पर खड़े हुए अत्यंत भयंकर रथियों और घुड़सवारों ने बहुत से हाथियों को रोक लिया और उनके बाणों से घायल कर दिया, जिससे वे हाथी वहीं भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  8.28.32 
निगृह्य च गजा: केचित् पार्श्वस्थैर्भृशदारुणै:।
रथाश्वसादिभिस्तत्र सम्भिन्ना न्यपतन् भुवि॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
पार्श्वों पर खड़े हुए अत्यंत भयंकर रथियों और घुड़सवारों ने बहुत से हाथियों को रोक लिया और उनके बाणों से घायल कर दिया, जिससे वे हाथी वहीं भूमि पर गिर पड़े।
 
Many elephants were blocked by extremely fearsome charioteers and horse-riders standing on the flanks and were pierced with arrows by them, due to which the elephants fell on the ground right there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)