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mahabharat 8.28.17: सारथी ने हाथी का सामना किया और उसे मुड़े हुए सिरे वाले तीखे बाणों से बींधना शुरू कर दिया और उसे मौत के गाल में पहुंचा दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.28.17 
रथी नागं समासाद्य दारयन् निशितै: शरै:।
प्रेषयामास कालाय शरै: संनतपर्वभि:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सारथी ने हाथी का सामना किया और उसे मुड़े हुए सिरे वाले तीखे बाणों से बींधना शुरू कर दिया और उसे मौत के गाल में पहुंचा दिया।
 
The charioteer faced the elephant and began piercing it with sharp arrows having bent ends and sending them to the cheeks of death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)