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mahabharat 8.28.14: वे सब महातेजस्वी और एक दूसरे को मारने की इच्छा रखने वाले वीर योद्धा विचित्र, तीव्र और सुन्दर रीति से युद्ध करने लगे॥14॥   |   mahabharat अध्याय 8.28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 28: युधिष्ठिर और दुर्योधनका युद्ध, दुर्योधनकी पराजय तथा उभयपक्षकी सेनाओंका अमर्यादित भयंकर संग्राम  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.28.14 
ते शूरा: समरे सर्वे चित्रं लघु च सुष्ठु च।
अयुध्यन्त महावेगा: परस्परवधैषिण:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे सब महातेजस्वी और एक दूसरे को मारने की इच्छा रखने वाले वीर योद्धा विचित्र, तीव्र और सुन्दर रीति से युद्ध करने लगे॥14॥
 
All those brave warriors of great speed and desire to kill each other started fighting in a strange, swift and beautiful manner. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)