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mahabharat 8.27.5: वे सभी वीर योद्धा युद्धस्थल में अर्जुन के सामने अचानक प्रकट हुए और उन पर बाणों की वर्षा करने लगे, जैसे जल का प्रवाह समुद्र की ओर बहता है॥5॥   |   mahabharat अध्याय 8.27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.27.5 
ते सृजन्त: शरव्रातान् किरन्तोऽर्जुनमाहवे।
अभ्यवर्तन्त सहसा वार्योघा इव सागरम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
वे सभी वीर योद्धा युद्धस्थल में अर्जुन के सामने अचानक प्रकट हुए और उन पर बाणों की वर्षा करने लगे, जैसे जल का प्रवाह समुद्र की ओर बहता है॥5॥
 
All those brave warriors suddenly appeared before Arjuna on the battlefield, showering showers of arrows on him, just as the flow of water flows towards the ocean. ॥5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)