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mahabharat 8.27.41-42h: धनुर्धर पाण्डुकुमार के आक्रमण से आपकी सारी सेना पीठ फेरकर भाग गई, वह वहाँ एक क्षण भी न ठहर सकी।   |   mahabharat अध्याय 8.27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  8.27.41-42h 
वध्यमानं तु तत् सैन्यं पाण्डुपुत्रेण धन्विना॥ ४१॥
प्रायशो विमुखं सर्वं नावतिष्ठत भारत।
 
 
अनुवाद
धनुर्धर पाण्डुकुमार के आक्रमण से आपकी सारी सेना पीठ फेरकर भाग गई, वह वहाँ एक क्षण भी न ठहर सकी।
 
After being attacked by the archer Pandukumar, your entire army turned its back and fled. It could not stay there even for a moment. 41 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)