श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 27: अर्जुनद्वारा राजा श्रुतंजय, सौश्रुति, चन्द्रदेव और सत्यसेन आदि महारथियोंका वध एवं संशप्तक-सेनाका संहार  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  8.27.19 
प्रापयाश्वान् महाबाहो सत्यसेनं प्रति प्रभो।
यावदेनं शरैस्तीक्ष्णैर्नयामि यमसादनम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु! कृपया घोड़ों को सत्यसेन के पास ले जाइए। मैं अपने तीखे बाणों से उसे सबसे पहले यमलोक पहुँचा दूँगा।'
 
Lord! O mighty-armed one! Please take the horses to Satyasen. I will send him to Yamaloka first with my sharp arrows.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)