Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.26.9-10h: "आज इस महायुद्ध में धृष्टद्युम्न विमुख होते हुए प्रतीत हो रहे हैं। महाराज! इस प्रकार जब धृष्टद्युम्न और कृपाचार्य वहाँ मिले, तब शत्रुओं के साथ आपके सैनिकों की नाना प्रकार की बातें सुनाई देने लगीं। ॥9 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
"आज इस महायुद्ध में धृष्टद्युम्न विमुख होते हुए प्रतीत हो रहे हैं। महाराज! इस प्रकार जब धृष्टद्युम्न और कृपाचार्य वहाँ मिले, तब शत्रुओं के साथ आपके सैनिकों की नाना प्रकार की बातें सुनाई देने लगीं। ॥9 1/2॥
"Today in this great war Dhrishtadyumna seems to be turning away." Maharaj! In this way, when Dhrishtadyumna and Kripacharya met there, various types of talks of your soldiers with the enemies started to be heard. ॥9 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥