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mahabharat 8.26.38: द्रुपद के वीर पुत्र के पराजित होने पर पाण्डव सेना चारों ओर से आक्रमण होने पर भागने लगी। 38.   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.26.38 
पराजिते तत: शूरे द्रुपदस्यात्मजे प्रभो।
व्यद्रवत् पाण्डवी सेना वध्यमाना समन्तत:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
द्रुपद के वीर पुत्र के पराजित होने पर पाण्डव सेना चारों ओर से आक्रमण होने पर भागने लगी। 38.
 
After the valiant son of Drupada was defeated, the Pandava army, being attacked from all sides, began to flee. 38.
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे षड्‍‍विंशोऽध्याय:॥ २६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुल-युद्धविषयक छब्बीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २६॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ३८ १/२ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)