Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.26.36-37h: महाराज! उस बाण के लगते ही शिखंडी अचेत हो गया। अचानक उसे मूर्छा आ गई और उसने ध्वजदंड का सहारा ले लिया। | mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तेनाभिहतो राजन् मूर्च्छामाशु समाविशत्॥ ३६॥
ध्वजयष्टिं च सहसा शिश्रिये कश्मलावृत:।
अनुवाद
महाराज! उस बाण के लगते ही शिखंडी अचेत हो गया। अचानक उसे मूर्छा आ गई और उसने ध्वजदंड का सहारा ले लिया।
King! Shikhandi fell unconscious immediately after being struck by that arrow. Suddenly, overcome by a trance, he took support of the flagstaff. 36 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥