Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.26.3: कृपाचार्य का रथ धृष्टद्युम्न के रथ की ओर जाता देख सब प्राणी भय से काँप उठे और यह मानने लगे कि धृष्टद्युम्न का नाश हो गया॥3॥   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.26.3 
गौतमस्य रथं दृष्ट्वा धृष्टद्युम्नरथं प्रति।
वित्रेसु: सर्वभूतानि क्षयं प्राप्तं च मेनिरे॥ ३॥
 
 
अनुवाद
कृपाचार्य का रथ धृष्टद्युम्न के रथ की ओर जाता देख सब प्राणी भय से काँप उठे और यह मानने लगे कि धृष्टद्युम्न का नाश हो गया॥3॥
 
Seeing Kripacharya's chariot going towards Dhrishtadyumna's chariot, all the creatures trembled with fear and started believing that Dhrishtadyumna was destroyed. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)