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mahabharat 8.26.29-30h: राजन! रक्त से लथपथ कृतवर्मा वर्षा में भीगे गेरू के पर्वत के समान दिख रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 29-30h
 
 
श्लोक  8.26.29-30h 
रुधिरेण परिक्लिन्न: कृतवर्मा त्वराजत॥ २९॥
वर्षेण क्लेदितो राजन् यथा गैरिकपर्वत:।
 
 
अनुवाद
राजन! रक्त से लथपथ कृतवर्मा वर्षा में भीगे गेरू के पर्वत के समान दिख रहे थे।
 
King! Covered in blood, Kritavarma looked like a mountain of ochre soaked in rain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)