Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.26.26-27h: उन्हें व्यर्थ ही भूमि पर गिरा देख शिखण्डी ने तीक्ष्ण छुरे से कृतवर्मा के धनुष को टुकड़े-टुकड़े कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  8.26.26-27h 
वितथांस्तान् समालक्ष्य पतितांश्च महीतले॥ २६॥
क्षुरप्रेण सुतीक्ष्णेन कार्मुकं चिच्छिदे भृशम्।
 
 
अनुवाद
उन्हें व्यर्थ ही भूमि पर गिरा देख शिखण्डी ने तीक्ष्ण छुरे से कृतवर्मा के धनुष को टुकड़े-टुकड़े कर दिया।
 
Seeing them fallen on the ground in vain, Shikhandi broke Kritavarma's bow into pieces with a sharp razor.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)