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mahabharat 8.26.23-24h: तब महारथी कृतवर्मा ने अत्यन्त क्रोधित होकर शिखण्डी को साठ बाणों से घायल कर दिया और हँसते हुए एक बाण से उसका धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  8.26.23-24h 
कृतवर्मा तु संक्रुद्धो भित्त्वा षष्ट्या पतत्रिभि:॥ २३॥
धनुरेकेन चिच्छेद हसन् राजन् महारथ:।
 
 
अनुवाद
तब महारथी कृतवर्मा ने अत्यन्त क्रोधित होकर शिखण्डी को साठ बाणों से घायल कर दिया और हँसते हुए एक बाण से उसका धनुष काट डाला।
 
Then the great warrior Kritavarman became very angry and wounded Shikhandi with sixty arrows and smilingly cut off his bow with one arrow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)