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mahabharat 8.26.22-23h: यादवों के हृदिक वंश के महाबली योद्धा कृतवर्मा को अपने सामने पाकर शिखंडी ने उसके कॉलरबोन पर पांच तीखे भालों से प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  8.26.22-23h 
शिखण्डी तु समासाद्य हृदिकानां महारथम्॥ २२॥
पञ्चभिर्निशितैर्भल्लैर्जत्रुदेशे समाहनत्।
 
 
अनुवाद
यादवों के हृदिक वंश के महाबली योद्धा कृतवर्मा को अपने सामने पाकर शिखंडी ने उसके कॉलरबोन पर पांच तीखे भालों से प्रहार किया।
 
Finding the mighty warrior Kritavarma of the Hridika dynasty of the Yadavas in front of him, Shikhandi attacked him with five sharp spears on his collarbone. 22 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)