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mahabharat 8.26.21-22h: दूसरी ओर कृतवर्मा ने बारंबार मुस्कुराते हुए भीष्म के लिए मृत्युस्वरूप महाबली शिखण्डी को युद्ध में रोक दिया। 21 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  8.26.21-22h 
शिखण्डिनं तु समरे भीष्ममृत्युं दुरासदम्॥ २१॥
हार्दिक्यो वारयामास स्मयन्निव मुहुर्मुहु:।
 
 
अनुवाद
दूसरी ओर कृतवर्मा ने बारंबार मुस्कुराते हुए भीष्म के लिए मृत्युस्वरूप महाबली शिखण्डी को युद्ध में रोक दिया। 21 1/2॥
 
On the other hand, Kritavarman, smiling again and again, stopped the formidable warrior Shikhandi, who was the embodiment of death for Bhishma, in the battle. 21 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)