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mahabharat 8.26.19-20h: हे राजन! जब कृपाचार्य ने धृष्टद्युम्न के रथ को वहाँ से भागते देखा, तब उन्होंने सैकड़ों बाणों की वर्षा करते हुए उसका पीछा किया।   |   mahabharat अध्याय 8.26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 26: कृपाचार्यसे धृष्टद्युम्नका भय तथा कृतवर्माके द्वारा शिखण्डीकी पराजय  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  8.26.19-20h 
प्रद्रुतं च रथं दृष्ट्वा धृष्टद्युम्नस्य मारिष॥ १९॥
किरन् शतशतान्येव गौतमोऽनुययौ तदा।
 
 
अनुवाद
हे राजन! जब कृपाचार्य ने धृष्टद्युम्न के रथ को वहाँ से भागते देखा, तब उन्होंने सैकड़ों बाणों की वर्षा करते हुए उसका पीछा किया।
 
Respected King! When Krupacharya saw Dhrishtadyumna's chariot fleeing from there, he chased it while showering hundreds of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)