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mahabharat 8.25.37: वह महान तलवार अचानक कटकर धरती पर गिर पड़ी। भरत! उस सुन्दर मूठ वाली तलवार का आधा भाग सुतसोम के हाथ में रह गया।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  8.25.37 
स च्छिन्न: सहसा भूमौ निपपात महानसि:।
अर्धमस्य स्थितं हस्ते सुत्सरोस्तत्र भारत॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
वह महान तलवार अचानक कटकर धरती पर गिर पड़ी। भरत! उस सुन्दर मूठ वाली तलवार का आधा भाग सुतसोम के हाथ में रह गया।
 
That great sword was cut and suddenly fell to the ground. Bhaarat! Half of that sword with a beautiful handle remained in Sutasoma's hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)