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mahabharat 8.25.36: हे राजन! जब सुतसोम अपनी चमकती हुई तलवार को गोलाकार घुमा रहे थे, तब शकुनि ने एक तीखे उस्तरे से उसे दो टुकड़ों में काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  8.25.36 
तस्य संचरतो राजन् मण्डलावर्तने तदा।
क्षुरप्रेण सुतीक्ष्णेन खड्गं चिच्छेद सुप्रभम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! जब सुतसोम अपनी चमकती हुई तलवार को गोलाकार घुमा रहे थे, तब शकुनि ने एक तीखे उस्तरे से उसे दो टुकड़ों में काट डाला।
 
O King! While Sutasoma was swinging his shining sword in a circular motion, Shakuni cut it into two pieces with a sharp razor.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)