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mahabharat 8.25.33: तब सुबल के वीर पुत्र ने सुतसोम पर अनेक बाण चलाये, किन्तु जैसे ही वह निकट आया, उसने अपनी उत्तम तलवार से उन सभी को काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  8.25.33 
सौबलस्तु ततस्तस्य शरांश्चिक्षेप वीर्यवान्।
तानापतत एवाशु चिच्छेद परमासिना॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तब सुबल के वीर पुत्र ने सुतसोम पर अनेक बाण चलाये, किन्तु जैसे ही वह निकट आया, उसने अपनी उत्तम तलवार से उन सभी को काट डाला।
 
Then the valiant son of Subala shot many arrows at Sutasoma, but as soon as he came close he cut them all down with his excellent sword.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)