श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.25.3 
उलूकस्तु तत: क्रुद्धस्तव पुत्रस्य संयुगे।
क्षुरप्रेण धनुश्छित्त्वा ताडयामास कर्णिना॥ ३॥
 
 
अनुवाद
इससे उलूक को बड़ा क्रोध आया और उसने युद्धस्थल में आपके पुत्र का धनुष छुरे से काट डाला तथा करणी नामक बाण से उस पर आक्रमण किया।
 
This made Uluka very angry. On the battlefield he cut off your son's bow with a razor and attacked him with an arrow called Karni.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)