vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश
»
श्लोक 28
श्लोक
8.25.28
तस्य तीक्ष्णैर्महावेगैर्भल्लै: संनतपर्वभि:।
व्यहनत् कार्मुकं राजंस्तूणीरांश्चैव सर्वश:॥ २८॥
अनुवाद
उस समय शकुनि ने अत्यन्त तीव्र एवं तीक्ष्ण बाणों से सुतसोम के धनुष, तरकश तथा अन्य समस्त उपकरणों को नष्ट कर दिया।
At that time, Shakuni destroyed Sutasoma's bow, quiver and all his other equipment with very fast and sharp arrows having bent ends.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×