Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.25.14: आदरणीय महोदय, महान योद्धा शतानीक क्रोधित हो गया और अपने अश्वरहित रथ पर खड़े होकर उसने आपके पुत्र पर गदा से आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 8.25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.25.14 
हताश्वे तु रथे तिष्ठन् शतानीको महारथ:।
गदां चिक्षेप संक्रुद्धस्तव पुत्रस्य मारिष॥ १४॥
 
 
अनुवाद
आदरणीय महोदय, महान योद्धा शतानीक क्रोधित हो गया और अपने अश्वरहित रथ पर खड़े होकर उसने आपके पुत्र पर गदा से आक्रमण किया।
 
Venerable Sir, the great warrior Satanika became enraged and while standing on his horseless chariot attacked your son with his mace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)