श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 25: युयुत्सु और उलूकका युद्ध, युयुत्सुका पलायन, शतानीक और धृतराष्ट्रपुत्र श्रुतकर्माका तथा सुतसोम और शकुनिका घोर युद्ध एवं शकुनिद्वारा पाण्डव-सेनाका विनाश  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.25.10 
तच्छिन्नमपतद् भूमौ युयुत्सो: सारथेस्तदा।
तारारूपं यथा चित्रं निपपात महीतले॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उस समय युयुत्सु के सारथि का कटा हुआ सिर इस प्रकार भूमि पर गिर पड़ा, मानो कोई विचित्र तारा आकाश से पृथ्वी पर गिर पड़ा हो।
 
At that time the severed head of Yuyutsu's charioteer fell to the ground as if some strange star had fallen from the sky to the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)