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mahabharat 8.24.76: महारथी कर्ण प्रलयकाल में प्रचण्ड अग्नि के समान पाण्डव सेनाओं को सर्वत्र जला रहा था। उस समय क्षत्रिय उसे छोड़कर दूर चले जाते थे।   |   mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.24.76 
तं दहन्तमनीकानि तत्र तत्र महारथम्।
क्षत्रिया वर्जयामासुर्युगान्ताग्निमिवोल्बणम्॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
महारथी कर्ण प्रलयकाल में प्रचण्ड अग्नि के समान पाण्डव सेनाओं को सर्वत्र जला रहा था। उस समय क्षत्रिय उसे छोड़कर दूर चले जाते थे।
 
Maharathi Karna was burning the Pandava armies everywhere like a raging fire during the time of doomsday. At that time the Kshatriyas would leave him and move away.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)