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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  8.24.73 
शिरांसि बाहूनूरूंश्च च्छिन्नानन्यांस्तथैव च।
कर्णचापच्युतैर्बाणैरपश्याम समन्तत:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
हमने यह भी देखा कि कर्ण के धनुष से छूटे बाणों से योद्धाओं के सिर, भुजाएँ और जाँघें कट-कटकर चारों ओर गिर रही थीं।
 
We also saw that the heads, arms and thighs of the warriors were being cut and falling all around by the arrows shot from Karna's bow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)